पिछले 24 घंटे में भूकंप का कहर, भारत, नेपाल, तिब्बत समेत 6 देशों में धरती हिली
पिछले 24 घंटे में असम से पाकिस्तान तक लगभग 6 बार धरती भूकंप के झटकों से हिली। शुक्रवार की रात नेपाल में 5.5 तीव्रता का भूकंप आया। इसके झटके बिहार और असम तक महसूस किए गए। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप भारतीय समयानुसार रात में 2:36 बजे आया। सुबह 5:14 बजे पाकिस्तान में भूकंप के झटके महसूस किए गए। आइए जानते हैं पिछले 24 घंटे में कहां-कहां भूकंप आया?
नेपाल में केंद्र... पटना से दार्जिलिंग तक झटके
राष्ट्रीय भूकंप निगरानी और अनुसंधान केंद्र के मुताबिक नेपाल में आए भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.5 थी। राजधानी काठमांडू से लगभग 65 किलोमीटर पूर्व सिंधुपालचौक जिले के भैरवकुंडा में इसका केंद्र था। हालांकि अभी तक किसी के हताहत या नुकसान होने की कोई खबर नहीं है। मगर झटके काफी तेज थे। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए थे। नेपाल में आए भूकंप के झटके पटना, सिक्किम और दार्जिलिंग तक महसूस किए गए। इसके अलावा तिब्बत तक धरती डोली है।
पाकिस्तान में भूकंप
शुक्रवार की सुबह 5:14 बजे दूसरा भूकंप पाकिस्तान में आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.5 मापी गई। भूकंप का केंद्र पाकिस्तान के बरखान के पास था। 16 फरवरी को भी पाकिस्तान में भूकंप आया था। हालांकि अभी तक यहां भी किसी भी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं है।
यहां भी आए भूकंप
27 फरवर को म्यांमार, तिब्बत, ताजिकिस्तान और असम में भूकंप आया। असम के मोरीगांव में रात 2:25 बजे तेज झटकों से लोगों की नींद खुल गई। इसके झटके ओडिशा और पश्चिम बंगाल तक महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.0 मापी गई।
27 फरवरी को सुबह 6:27 बजे ताजिकिस्तान में भूकंप से धरती डोल उठी। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 रही। यहां भी किसी प्रकार के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
तिब्बत में 27 फरवरी की दोपहर 2:48 बजे 4.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसके कुछ घंटे बाद शाम 5:10 बजे म्यांमार में लोगों में भूकंप के झटके महसूस किए। रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.2 रही।
नेपाल में भूकंप का ज्यादा खतरा क्यों?
कुछ दिन पहले दिल्ली में भी 4.0 तीव्रता का भूकंप आया था। मगर इसके झटके काफी शक्तिशाली थे। दिल्ली सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र में आता है। नेपाल भी दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में शामिल है। यहां भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है।
नेपाल में भारतीय टेक्टोनिक प्लेट सालाना लगभग 5 सेमी की दर से यूरेशियन प्लेट को उठा रही है। इसकी वजह से हिमालय भी ऊपर उठ रहा है और पृथ्वी की सतह के नीचे भारी तनाव पैदा हो रहा है। जब यह तनाव चट्टानों की क्षमता से अधिक हो जाता है तो यह भूकंप बन जाता है। 2015 में नेपाल में एक विनाशकारी भूकंप आया था। 7.8 तीव्रता के इस भूकंप में 9,000 से अधिक लोगों की जान गई थी। 10 लाख से अधिक इमारतों को नुकसान पहुंचा था।
संसद में आरक्षण बिल गिरने के बाद राहुल गांधी का प्रहार- 'महिलाओं के पीछे छिपकर खेल रही थी भाजपा'।
प्रदूषण और अवैध कारोबार पर प्रहार: रिफाइनरी पर कार्रवाई से मचा हड़कंप, दो लोगों पर केस दर्ज।
सीजफायर के बाद भी नहीं थमा तनाव, फिर बंद हुआ रास्ता
70 करोड़ महिलाओं के मुद्दे पर गरमाई देश की राजनीति
TET का संकट: क्या दशकों पुराने शिक्षकों की नौकरी पर है खतरा? भोपाल में जुटा विशाल जनसमूह
चीख-पुकार में बदली दोपहर की मस्ती: मैहर में दो परिवारों के चिराग बुझे
वोटिंग लिस्ट में गड़बड़झाला: आलीराजपुर के 17 वोटर्स के संवैधानिक हक पर अधिकारियों की मार
हाई कोर्ट में पुलिसिया जांच पर सवाल: भाई की शादी के नाम पर खुद की शादी की गलत रिपोर्ट
बंगाल में मोहन यादव का प्रहार: "जंगलराज से त्रस्त जनता अब मांग रही है हिसाब"