'पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर से भारत के दुश्मनों के लिए तय की सीमा', केंद्रीय गृह मंत्री शाह का बयान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत के दुश्मनों के लिए सीमा तय कर दी है। हमारे सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के आंगन में पल रही आतंकवाद की फुलवारी को ध्वस्त कर दिया। हमारे सशस्त्र बलों ने अपनी ताकत से पाकिस्तान को थर्रा दिया है और आतंकवाद के लिए शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) का एक नया मानदंड स्थापित किया है। गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि राष्ट्र हमारे सशस्त्र बलों की अद्वितीय वीरता को सलाम करता है। वे हमारे दुश्मनों का नाश करने वाले और भारत की ढाल हैं। हम अपनी रक्षा की पहली पंक्ति, बीएसएफ के साहसी कर्मियों को भी सलाम करते हैं। हमारे बलों की बहादुरी हमारे गौरवशाली इतिहास में हमेशा अंकित रहेगी। शाह ने आगे लिखा, मैं हमारे निर्दोष भाइयों की दिवंगत आत्माओं को न्याय दिलाने में उनके अनुकरणीय नेतृत्व के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को बधाई देता हूं। पीएम मोदी ने बार बार साबित कर दिया है कि भारत का कोई भी दुश्मन बख्शा नहीं जा सकता। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री के देश के नाम संबोधन को लेकर कहा, अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति को पूरी दुनिया के सामने बड़ी स्पष्टता और दृढ़ता के साथ रख दिया है। उनका संबोधन न केवल भारत की भावना की अभिव्यक्ति है, बल्कि यह हमारे देश के सैन्य, कूटनीतिक और नैतिक बल की प्रस्तुति भी है। प्रधानमंत्री ने यह भी साफ कर दिया है कि भविष्य में अगर पाकिस्तान से कभी बात होगी तो केवल आतंकवाद और पीओके पर ही बात होगी। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेनाओं के शौर्य और पराक्रम की भी उन्होंने खुल कर सराहना की है। भारतीय सेनाओं पर पूरे देश को नाज है। मैं प्रधानमंत्री को उनके सशक्त नेतृत्व के लिए धन्यवाद देता हूं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में क्या कहा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, भारत के ड्रोन्स, भारत की मिसाइलों ने सटीकता से हमला किया। पाकिस्तानी वायुसेना के एयरबेस को नुकसान पहुंचाया, जिन पर पाकिस्तान को बहुत घमंड था। भारत ने पहले तीन दिन में ही पाकिस्तान को इतना तबाह कर दिया, जिसका उसे अंदाजा भी नहीं था। इसलिए भारत की आक्रामक कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बचने के रास्ते खोजने लगा। पाकिस्तान दुनियाभर में तनाव कम करने के लिए गुहार लगा था और बुरी तरह पिटने के बाद इसी मजबूरी में 10 मई की दोपहर को पाकिस्तानी सेना ने हमारे डीजीएमओ से संपर्क किया। तब तक हम आतंकवाद के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर तबाह कर चुके थे। आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया था। पाकिस्तान के सीने में बसाए गए आतंक के अड्डों को हमने खंडहर बना दिया था। इसलिए जब पाकिस्तान की तरफ से गुहार लगाई गई, पाकिस्तान की तरफ से जब यह कहा गया कि उसकी ओर से आगे कोई आतंकी गतिविधि और सैन्य दुस्साहस नहीं दिखाया जाएगा, तो भारत ने उस पर भी विचार किया। मैं फिर दोहरा रहा हूं कि हमने पाकिस्तान के आतंकी और सैन्य ठिकानों पर अपनी जवाबी कार्रवाई को अभी सिर्फ स्थगित किया है। आने वाले दिनों में हम पाकिस्तान के हर कदम को इस कसौटी पर मापेंगे कि वह क्या रवैया अपनाता है।
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