दिल्ली हाईकोर्ट से इशरत जहां को राहत: 25 साल से रह रही संपत्ति पर ध्वस्तीकरण नोटिस पर लगी अंतरिम रोक
दिल्ली हाईकोर्ट ने ओखला के बाटला हाउस की एक महिला के संपत्ति के ध्वस्तीकरण के डीडीए के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दिया है. जस्टिस एच वैद्यनाथन शंकर की वेकेशन बेंच ने डीडीए को नोटिस जारी कर तीन हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया.
याचिकाकर्ता महिला इशरत जहां विधवा है और वो पिछले 25 सालों से बाटला हाउस में रह रही है. याचिका में कहा गया है कि डीडीए ने 26 मई को इशरत जहां की संपत्ति समेत कई संपत्तियों को गिराने का नोटिस दिया है. याचिका में डीडीए के नोटिस को निरस्त करने की मांग की गई है.
सुनवाई के दौरान डीडीए ने कहा कि वो अपने जवाब में इस बात जिक्र करेगा कि बाटला हाउस इलाके में याचिकाकर्ता की संपत्ति समेत निशानदेही की गई दूसरी संपत्तियों की भी जानकारी देगा. डीडीए ने कहा कि उसका नोटिस सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के तहत किया गया है, जिसमें कहा गया है कि जो संपत्तियां पीएम-उदय योजना में शामिल नहीं हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए. हालांकि याचिकाकर्ता इशरत जहां ने कहा है कि उसकी संपत्ति पीएम-उदय योजना में शामिल है.
बता दें कि हाईकोर्ट ने 30 मई को बाटला हाउस के खीजर बाबा कॉलोनी के 115 संपत्तियों के निवासियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दिया थी. जस्टिस सचिन दत्ता की बेंच ने उत्तरप्रदेश के सिंचाई विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था. इसके पहले हाईकोर्ट ने जंगपुरा के मद्रासी कैंप की झुग्गियों को हटाने का आदेश दिया था जिसके बाद वहां से झुग्गियों को हटाया गया.
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