बरसती रहेगी कान्हा की कृपा...जन्माष्टमी से पहले घर ले आएं ये शुभ चीजें
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के अवतार हैं. भादो मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है. इस दिन लड्डू गोपाल की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यता है कि भाद्रपद माह के अष्टमी तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण हुआ था. कई चीज ऐसी हैं, जो भगवान श्रीकृष्ण को बेहद प्रिय हैं. माना जाता है कि अगर ऐसी चीजों को घर में रखें, तो उस घर में कान्हा का साक्षात वास होता है. अगर इस साल जन्माष्टमी से पहले आप अपने घर में कुछ वस्तुएं ले आते हैं, तो आपका जीवन खुशहाली से भर जाएगा और घर में सुख-समृद्धि की वृद्धि होगी. ये चीजें क्या हैं
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 15 अगस्त को रात 11 बजकर 49 मिनट के लगभग प्रारंभ होगी और 16 अगस्त को रात 09 बजकर 34 मिनट पर समाप्त होगी. इस बार गृहस्थों की जन्माष्टमी 15 अगस्त और वैष्णव की जन्माष्टमी 16 अगस्त को मनाई जाएगी. जन्माष्टमी से पहले आपको क्या अपने घर लाना है, जान लीजिए:
लड्डू गोपाल- अगर आप इस साल लड्डू गोपाल की मूर्ति की स्थापना करना चाहते हैं, तो जन्माष्टमी का दिन इसके लिए सबसे शुभ है. अपनी इच्छा और पसंद के हिसाब से आप लड्डू गोपाल के साइज का चयन कर सकते हैं. जन्माष्टमी वाले दिन लड्डू गोपाल को स्नान करवाने के बाद उनकी पसंदीदा चीजों का भोग जरूर लगाएं. इसके बाद उन्हें झूले पर जरूर बैठाएं.
बांसुरी- भगवान श्रीकृष्ण को बांसुरी अति प्रिय है. अगर घर में जन्माष्टमी से पहले बांसुरी लाकर रख देते हैं, तो घर में कभी भी पारिवारिक कलह नहीं होगी.
मोर पंख- श्रीकृष्ण भगवान को मोर पंख अति प्रिय है. शायद ही आपको बिना मोर पंख के कान्हा की कोई तस्वीर देखने को मिलेगी, इसलिए जन्माष्टमी से पहले एक मोर पंख घर के पूजा स्थल पर अवश्य रख लें. इससे घर में हमेशा धन की बढ़ोतरी होगी और परिवार में शांति का माहौल रहेगा.
कामधेनु- जन्माष्टमी के दिन या उससे पहले गाय और बछड़े की मूर्ति अवश्य खरीद लें. इसे कामधेनु गाय का प्रतीक माना जाता है. यह समुद्र मंथन के दौरान निकले 14 रत्नों में से एक है. इस मूर्ति को खरीदकर अगर आप अपने पूजा स्थल पर रख लेते हैं, तो घर में संतान सुख की प्राप्ति होगी. वहीं मानसिक और शारीरिक तनाव से मुक्ति मिलेगी.
माखन और मिश्री- माखन और मिश्री के बिना तो जन्माष्टमी की कल्पना भी नहीं की जा सकती है. भगवान श्रीकृष्ण को मक्खन-मिश्री काफी पसंद है. जन्माष्टमी से पहले इसे घर में ले आएं और जन्मोत्सव पर कान्हा को भोग लगाएं.
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