DGCA का ड्राफ्ट संशोधन: एयरलाइंस के लिए 20 साल पुराने विमान आयात का रास्ता खुल सकता है
व्यापार: नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) विमानों के आयात संबंधी नियमों में बदलाव करने जा रहा है। इसके तहत अब एयरलाइंस को 20 साल पुराने विमानों के आयात की अनुमति होगी। वर्तमान में, 18 वर्ष तक पुराने विमानों को ही कुछ शर्तों के साथ देश में आयात करने की अनुमति है। डीजीसीए ने नागर विमानन प्रावधानों (सीएआर) में संशोधन का मसौदा जारी किया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस संशोधन मसौदे में यात्री विमानों की अधिकतम आयु सीमा 18 से बढ़ाकर 20 वर्ष और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों के लिए उम्र सीमा 20 वर्ष से बढ़ाकर 25 वर्ष करने का प्रस्ताव है। मसौदे के मुताबिक, यात्री सेवाओं और सामान्य विमानन संचालन के लिए आयात किए जाने वाले दाबयुक्त विमान 20 वर्ष से अधिक पुराने नहीं होने चाहिए। साथ ही जरूरी है ऐसे विमानों के डिजाइन आर्थिक आयु का 65 प्रतिशत से अधिक उपयोग नहीं हुआ हो।
जहां तक प्रशिक्षण व निजी विमानों का सवाल है तो इनके आयात की अनुमति हरेक मामले को ध्यान में रखते हुए दी जाएगी। इसके लिए शर्त यह होगी कि उस विमान ने पिछले छह माह में कम से कम 50 घंटे उड़ान भरी हो। हालांकि 25 साल से अधिक पुराने विमानों का आयात नहीं किया जाएगा।
पट्टे पर लिए गए 800 से अधिक विमान परिचालन में
देश में वर्तमान में पट्टे पर लिए गए 800 से अधिक विमान परिचालन में हैं। भारतीय एयरलाइंस अपने बेड़े का तेजी से विस्तार कर रही हैं और 1,400 से अधिक विमानों का ऑर्डर दिया गया है। वैश्विक आपूर्ति शृंखला में व्यवधान के कारण विमानों की आपूर्ति प्रभावित होने से एयरलाइंस अल्पकालिक पट्टे पर विमान ले रही हैं।
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