‘धरती पर बोझ बढ़ रहा’, अभय देओल ने बताया पैरेंट बनने से क्यों किया किनारा
मुंबई: देओल परिवार से आने वाले अभय देओल ऐसे अभिनेता हैं, जो काफी सेलेक्टिव काम करते हैं। उन्होंने भले ही कम फिल्मों व वेब सीरीज में काम किया हो, लेकिन जितना भी किया है उसमें उनके अभिनय की तारीफ जरूर हुई है। इसके अलावा अभय अपने बयानों को लेकर भी चर्चाओं में रहते हैं। अब एक बार फिर अभिनेता ने शादी और बच्चों को लेकर अपनी राय रखी है।
मैं क्यों धरती पर लाऊं बच्चा
डॉ. जय मदान के साथ पॉडकास्ट में अपनी हालिया बातीचत के दौरान अभय देओल ने शादी और बच्चों को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि मैं बच्चे नहीं चाहता। अगर मुझे घर बसाना होता, तो मैं खुद बच्चे पैदा करने के बजाय गोद लेना पसंद करता। क्योंकि, मुझे नहीं पता मैं बस दुनिया को देखता हूं और सोचता हूं, मैं इस धरती पर बच्चा क्यों लाऊं? हालांकि, अभय ने कहा कि मैं इस धरती पर खुश हूं। लेकिन इस पर इतनी बढ़ती आबादी का बोझ नहीं डाला जा सकता। जो पहले से ही बहुत ज्यादा है। उसमें और ज्यादा आबादी जोड़ने से बचने की कोशिश करना, यही तो है। मैं भी बच्चे नहीं चाहता। और तो और अगर मैं चाहता भी हूं, तो दुनिया को देखकर सोचता हूं कि मैं इस दुनिया में एक बच्चे को क्यों लाऊं?
पता नहीं मैं कैसा पिता बनूंगा
अपने पेरेंट बनने पर भी इस दौरान अभय देओल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि मैं न्याय कर पाऊंगा या नहीं। मैं अपनी भावनाओं को कैसे संभाल पाऊंगा? मुझे नहीं पता कि मैं कैसा महसूस करूंगा। मुझे लगता है कि अगर मेरा बच्चा होता तो मैं अभी जितना हूं, उससे ज्यादा कंट्रोल करने वाला और अधिकार जताने वाला होता। ऐसा हो सकता है। एक्टर ने कहा कि केयरिंग की भावना मुझमें मेरे परिवार में पली-बढ़ी है। खुद को संभालना एक मुश्किल स्थिति है। जैसे मैं अपनी सहज, स्वतंत्र और तनावमुक्त भावना को खोकर हमेशा तनावग्रस्त, सुरक्षात्मक और अधिकार जताने वाला हो जाऊं। इसलिए, मुझे लगता है कि हम बड़े होते हुए बहुत सुरक्षित थे। शायद मैं अपने बच्चे पर भी इसका प्रभाव डालूं।
बन टिक्की में नजर आए थे अभय
वर्कफ्रंट की बात करें तो अभय देओल आखिरी बार इसी साल आई फिल्म ‘बन टिक्की’ में नजर आए थे। इसमें उनके साथ शबाना आजमी और नुसरत भरूचा भी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आए हैं।
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