गांव की एकजुटता से नशामुक्ति अभियान को मिली नई दिशा, शराबबंदी बनी मॉडल
पांढुर्णा: तहसील के देवनाला रैयत गांव ने नशा मुक्ति के लिए बड़ा कदम उठाया है। रविवार को हुई ग्रामसभा में गांव के सभी लोगों ने सर्वसम्मति से शराब निर्माण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया। साथ ही इसका उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माने का प्रावधान भी तय किया गया।
ग्रामसभा में लिया गया कड़ा निर्णय
ग्रामसभा में तय हुआ कि गांव में यदि कोई व्यक्ति शराब बनाएगा या बेचेगा तो उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, नशे की हालत में किसी भी व्यक्ति का अपमान करने पर 505 रुपए अर्थदंड भरना होगा। यह निर्णय गांव को नशामुक्त बनाने और सामाजिक समरसता कायम करने के उद्देश्य से लिया गया।
ग्रामीणों ने खुद की पहल
निर्णय के बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर गांव के आसपास नाले और जंगलों में बने अवैध कच्ची शराब के ठिकानों को खुद ही ध्वस्त कर दिया। इस दौरान गांव के दिनेश उईके, देवराम भलावी, अनिल मर्सकोले, देवीलाल तुमदाम, पूनाजी तड़ाम, सम्पिलाल उईके, गणेश उईके सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एकमत से संकल्प लिया कि अब गांव में किसी भी प्रकार का नशे का कारोबार नहीं होने दिया जाएगा।
पुलिस ने की पहल की सराहना
थाना प्रभारी अजय मरकाम ने देवनाला रैयत के इस कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय समाज में जागरूकता और अनुशासन का उदाहरण है। गांव की इस पहल से क्षेत्र के अन्य गांवों को भी प्रेरणा मिलेगी। थाना प्रभारी ने भरोसा दिलाया कि किसी भी समस्या या चुनौती की स्थिति में पुलिस गांव का पूरा सहयोग करेगी।
सामाजिक दृष्टि से ऐतिहासिक कदम
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि नशे ने कई परिवारों को बर्बाद किया है। युवा पीढ़ी गलत राह पर जा रही थी। अब इस प्रतिबंध से गांव में माहौल सुधरेगा और बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा। ग्रामीण महिलाएं भी इस फैसले से काफी खुश हैं। उनका कहना है कि अब घरों में झगड़े और कलह की स्थिति खत्म होगी।
अफवाहों पर विराम, केंद्र बोला—नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम
सबसे अमीर प्रत्याशी के पास ₹104 करोड़ की संपत्ति, चुनावी चर्चा तेज
इतिहास के पन्नों को मिलेगा नया जीवन: हिरदेशाह पर पाठ्यक्रम तैयार होगा
कोटा लागू करने पर टकराव: कांग्रेस का केंद्र सरकार पर बड़ा प्रहार
Saurabh Bharadwaj के आरोपों से मचा बवाल, Raghav Chadha पर उठे सवाल
वैश्विक संकट का असर: 60% महंगा तारकोल, निर्माण कार्य अधर में
कहा—अगर कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे
चौथी आरोपी को राहत, कोर्ट ने दी जमानत