अमूल और मदर डेयरी ने सस्ते किए दूध और दुग्ध उत्पाद
नई दिल्ली । गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीएमएमएफ) जो अमूल ब्रांड नाम से उत्पाद बेचता है, ने अपने 700 से अधिक उत्पादों के दाम घटाने का ऐलान किया है। यह फैसला सरकार द्वारा दूध और संबंधित उत्पादों पर जीएसटी दरों में कटौती के बाद लिया गया है। अमूल का कहना है कि वह इसका पूरा लाभ ग्राहकों तक पहुंचाना चाहती है। नई कीमतें 22 सितंबर से लागू होंगी। इसके तहत 100 ग्राम मक्खन की कीमत 62 रुपए से घटकर 58 रुपए, एक लीटर घी 650 रुपए से घटकर 610 रुपए और 1 किलो चीज ब्लॉक 575 रुपए से घटकर 545 रुपए हो गया है। 200 ग्राम फ्रोजन पनीर अब 95 रुपए में मिलेगा, जो पहले 99 रुपए था। अमूल का मानना है कि कीमतों में कमी से दूध उत्पादों की मांग बढ़ेगी, जिससे किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा। जीसीएमएमएफ के 36 लाख से अधिक किसान सदस्य हैं। उधर, मदर डेयरी ने भी अपने उत्पादों के दाम घटाए हैं। यूएचटी दूध (टेट्रा पैक) की कीमत 77 रुपए से घटकर 75 रुपए कर दी गई है। मक्खन, चीज और घी पर भी क्रमश: 20 रुपए, 35 रुपए और 30 रुपए तक की कटौती की गई है। पनीर 3 रुपए से 6 रुपए प्रति किलो सस्ता हुआ है। आइसक्रीम भी 1 रुपए सस्ती मिलेगी। इसके अलावा, सफल ब्रांड के फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज़ और अचार जैसे प्रसंस्कृत उत्पादों पर भी कीमतें घटाई गई हैं। जीएसटी दरें 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई हैं। ग्राहकों के लिए यह राहत भरी खबर है, जिससे घरेलू बजट पर असर कम होगा और स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों की खपत बढ़ेगी।
राशिफल 29 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान
मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दे रहा है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण