टैरिफ और एच-1बी वीजा को लेकर जयशंकर-गोयल की अमेरिका यात्रा बेहद अहम
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते पिछले कुछ महीनों से तनाव में हैं। खासतौर पर टैरिफ और एच-1बी वीजा के जरिये भारत को जिस तरह का तनाव झेलना पड़ रहा है, उसके बाद दोनों देशों के रिश्तों पर असर पड़ रहा है। इसी बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल अमेरिका पहुंचे हैं, जिससे उम्मीद है कि नए व्यापार समझौते पर बातचीत हो रही है। 16 सितंबर को अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय की टीम भारत आई थी, जहां समझौते के कई पहलुओं पर चर्चा हुई।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के जाने के बाद तुरंत वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भारत के प्रतिनिधिमंडल के साथ अमेरिका दौरे पर हैं। यहां वे सोमवार को अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक से मुलाकात करेंगे और व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने पर चर्चा करेंगे। वहीं जयशंकर भी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से रात 8 बजे मुलाकात करेंगे। अमेरिका और भारत के बीच इस वक्त जो मुद्दा चर्चा में हैं उनमें टैरिफ मुद्दा है। भारत पर अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने पर अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ लगा रखा है। इसकी वजह से दोनों देशों के बीच व्यापार प्रभावित हो रहा है।
भारत के कुछ सेक्टर्स पर तो इस टैरिफ का काफी बुरा असर पड़ा है। ऐसे में कोशिश होगी कि इस मामले में दोनों देश मिलकर कुछ बीच का रास्ता निकाल पाएं। इसे लेकर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल अपने अमेरिकी समकक्षों के साथ बातचीत करेंगे। दूसरा मुद्दा ये है कि भारत-अमेरिका की ट्रेड डील पर बात आगे बढ़े, जो टैरिफ वॉर की वजह से अटकी नजर आ रही थी। तीसरा बड़ा मुद्दा अब एच-1बी वीजा है, जो अमेरिका में काम करने वाले भारतीयों पर सीधा असर डाल रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और भारत के विदेश मंत्रियों मार्को रुबियो और एस जयशंकर के बीच यह तीसरी मुलाकात होगी। जनवरी में पहली बार रूबियो और जयशंकर क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में मिले थे। इसके बाद जुलाई में क्वाड बैठक में दोनों विदेश मंत्रियों की मुलाकात हुई थी। हालांकि इस बार जब दोनों नेता मिलेंगे, तो परिस्थितियां काफी उतार-चढ़ाव भरी हैं। ऐसे में ये बैठक दोनों देशों के रिश्तों को लेकर बेहद अहम मानी जा रही है।
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