सीन ‘डिडी’ कॉम्ब्स को लेकर बवाल, प्रॉसिक्यूशन ने क्यों कहा– मिलनी चाहिए लंबी कैद?
मुंबई: आज मंगलवार को न्यूयॉर्क कोर्ट में रैपर सीन डिडी कॉम्ब्स पर लगे यौन तस्करी और वेश्यावृत्ति मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान शिकायतकर्ता के वकील पक्ष ने न्यायाधीश से इन आरोपों में दोषी ठहराए जाने के बाद रैपर को 11 साल से ज्यादा की सजा देने का आग्रह किया। उन्होंने तर्क में रैपर पर आरोप लगाने वाली एक महिला का हवाला दिया। चलिए जानते हैं क्या आखिर क्या हुआ।
शिकायतकर्ता के वकीलों ने क्या कहा?
वकीलों ने रैपर सीन डिडी पर आरोप लगाने वाली एक महिला का हवाला दिया। वकीलों ने शिकायतकर्ता की बातों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कम से कम 11 साल और तीन महीने की जेल की सजा की मांग की है। साथ ही एक सजा-ए-मौत याचिका में लिखा, ‘उनकी सजा के अपराध गंभीर हैं और उन अभियुक्तों के लिए कई मामलों में दस साल से ज्यादा की सजा का प्रावधान है। जिन लोगोंन ने सीन कॉम्ब्स की तरह हिंसा में लिप्त होकर दूसरों को डराया-धमकाया था, उन्हें इतने साल की ही सजा हुई।'
कॉम्ब्स को बताया अपराधी
आगे वकीलों ने बताया कि उन महिलाओं ने कॉम्ब्स को अपराधी बताया और कहा कि रैपर ने अपने पूरे मुकदमे के दौरान हिंसा और दुर्व्यवहार के अपने कृत्यों को स्वीकार किया था। हालांकि, फिर अचानक वह तर्क दे रहे हैं कि उनके पीड़ितों को दोष अपने ऊपर लेना चाहिए।’
शुक्रवार को सुनाई जाएगी सजा
रैपर सीन डिडी के आरोपों की सुनवाई के दौरान उनके बचाव पक्ष के वकीलों ने मांग की है कि रैपर को 14 महीने से ज्यादा जेल की सजा न दी जाए। आपको बताते चलें कि सजा शुक्रवार को सुनाई जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
ये हाई-प्रोफाइल केस सिंगर केसी वेंचुरा और एक अन्य महिला के गंभीर आरोपों पर केंद्रित था। वेंचुरा ने दावा किया कि कॉम्ब्स ने उन्हें 11 साल की रिलेशनशिप में शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, यहां तक कि ड्रग्स और जबरन यौन क्रियाओं में भी शामिल किया। दूसरी महिला, जिसे अदालत में 'जेन' के नाम से पहचाना गया, उसने भी यही आरोप लगाए कि वो कॉम्ब्स की बनाई पार्टियों के जाल में फंस गईं और उसके साथ यौन अपराध हुए। इसी आधार पर केस की शुरुआत हुई थी।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिलाओं का होगा तेजी से सशक्तिकरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
तुर्किए में स्कूल शूटिंग, 16 घायल; हमलावर की खुदकुशी
नवागत भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की प्राथमिकता—जनसेवा और पारदर्शिता
डिजिटल अवतार से वोट अपील, तमिलनाडु में चुनाव प्रचार में एआई का बढ़ता असर
इंसानियत शर्मसार, सहायता न मिलने पर घर के बाथरूम में करना पड़ा अंतिम संस्कार
‘मेड इन इंडिया’ नकली नोट का खेल, दाऊद इब्राहिम के गुर्गों ने ऐसे बुना जाल
कच्चे तेल की गिरावट बनी सहारा, एशियाई बाजार हरे निशान पर
योग्यता में छूट न देने पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, पीड़ित कर्मचारी को राहत