नवरात्रि में हाउसिंग बोर्ड का तोहफा, शहर की प्राइम लोकेशन में मिलेगा डुप्लेक्स, करने होंगे इतने खर्च
भोपाल: नवरात्रि के अवसर पर शहरवासियों के लिए हाउसिंग बोर्ड खास तोहफा लेकर आया है. शहर के बीचों-बीच अवधपुरी भेल के जंबूरी मैदान के बगल में हाउसिंग बोर्ड द्वारा 26 एकड़ की आवासीय कॉलोनी डेवलप की जा रही है. इसमें डुप्लेक्स और ट्रिपलेक्स मकानों की बुकिंग सोमवार से शुरू हो गई है. बुकिंग शुरू होने के पहले ही दिन 500 से अधिक ग्राहकों ने साइट विजिट किया है.
डुप्लेक्स और ट्रिप्लेक्स की बुकिंग शुरू
पिपलानी-खजूरी कला 4 लेन रोड पर बने इस प्रोजेक्ट में कुल 147 मकान हैं. इसमें 77 डूप्लेक्स 3 बीएचके, 48 ट्रिप्लेक्स 3 बीएचके और 22 ट्रिप्लेक्स 4 बीएचके के हैं. इनका प्लॉट साइज 1050 स्कॉवयर फीट है. इस बार बोर्ड ई-ऑफर से अपने मकान बेच रहा है. ई-ऑफर के लिए शुरुआती कीमत 79.54 लाख रुपए है. सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले को ये मकान अलॉट होगा. एमपी ऑनलाइन के माध्यम से इसकी बुकिंग होगी.
डुप्लेक्स और ट्रिप्लेक्स का ये होगा बेस प्राइस
एचआईजी डुप्लेक्स - 77 मकान - 1050 स्कॉवयर फीट - 79.54 लाख से शुरू
एचआईजी ट्रिप्लेक्स - 48 मकान - 1100 स्कॉवयर फीट - 89.20 लाख से शुरू
एचआईजी ट्रिप्लेक्स - 22 मकान - 1250 स्कॉवयर फीट - 99.73 लाख से शुरू
6 महीने में मिलेगा पजेशन, बुकिंग पर 15 प्रतिशत जमा करनी होगी राशि
हाउसिंग बोर्ड मकान अलॉट होने के 6 महीने के अन्दर घरों का पजेशन भी दे देगा. यह प्रोजेक्ट 70 से 80 फीसदी पूरा हो चुका है. मकान अलॉट होने के बाद भुगतान के लिए 6 महीने का समय और 3 से 4 किस्तों की सुविधा रहेगी. बुकिंग के लिए मकान के बेस प्राइज का 15 फीसदी बुकिंग के समय देकर फॉर्म भरना रहेगा. सभी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है.
26 एकड़ में बना प्रोजेक्ट, तीसरे चरण में फ्लैट भी आएंगे
खजूरीकलां, अवधपुरी में स्थित यह हाउसिंग प्रोजेक्ट 26 एकड़ में फैला है. इसके पहले चरण में 142 प्लॉट बेचे गए थे. दूसरे चरण में 147 डुप्लेक्स और ट्रिप्लेक्स मकान बेचे जाएंगे. तीसरे चरण में 8 एकड़ में मल्टीस्टोरी में फ्लैट का प्रोजेक्ट आ रहा है. इसकी भी टेंडर प्रक्रिया चल रही है.
लाइफ टाइम आक्सीजन टैंक की वयवस्था
हाउसिंग बोर्ड के डिप्टी कमिश्नर एमके साहू ने बताया कि "मंडल से इस प्रोजेक्ट के बारे में सबसे ज्यादा पूछताछ होती रही है. प्राइम लोकेशन पर स्थित यह प्रोजेक्ट एमपी नगर, आरके एमपी स्टेशन और एम्स से 7 किमी के अन्दर है. पिपलानी-रायसेन 4 लेन से इस प्रोजेक्ट में एंट्री है. इसके सामने भेल का सैकड़ों एकड़ का वन है, जो आजीवन ऑक्सीजन टैंक का काम करेगा. लिहाजा पीसफुल लाइफ के लिए यह बेस्ट प्रोजेक्ट है."
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