ऑपरेशन सिंदूर में किया गया धर्म युद्ध के सिद्धांतों का पालन, आर्मी चीफ ने दी पाकिस्तान को दो टूक चेतावनी
नई दिल्ली। भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर स्पष्ट शब्दों में कहा, कि भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान धर्म युद्ध के सिद्धांतों का पालन किया। उन्होंने बताया कि सेना ने इस अभियान में केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि आम नागरिकों और सामान्य सैन्य प्रतिष्ठानों पर किसी भी तरह का हमला नहीं किया गया।
सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी ने यह बयान हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के चैल स्थित राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल के शताब्दी समारोह में दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल अनुशासन, नैतिकता और मानवीय मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध हैं। सेना का लक्ष्य केवल आतंकवाद का खात्मा है, न कि किसी देश या नागरिक को नुकसान पहुंचाना। आर्मी चीफ ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमने धर्म युद्ध के सिद्धांतों का पालन किया। हमने केवल आतंकवादियों के ठिकानों पर प्रहार किया, जबकि पाकिस्तान में नागरिक या सैन्य अड्डे पूरी तरह सुरक्षित रहे। उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने 6 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस अभियान में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को सटीक निशाना बनाया गया। हालांकि पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना की रणनीति और ताकत के आगे वह टिक नहीं सका।
जनरल द्विवेदी ने यह भी कहा कि इस अभियान ने न केवल आतंक के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया, बल्कि पाकिस्तान को यह स्पष्ट संदेश भी दिया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने में सक्षम है। समारोह के दौरान आर्मी चीफ ने चैल मिलिट्री स्कूल की उपलब्धियों की सराहना की और छात्रों से देश सेवा के मूल्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह संस्थान वर्षों से देश को बेहतरीन सैन्य अधिकारी और नेतृत्वकर्ता प्रदान कर रहा है।
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