MP में 21 साल बाद हो रहा ‘SIR’, गलत जानकारी देने पर होगी एक साल की सजा
भोपाल। ‘SIR’ के दूसरे फेज को लेकर मध्यप्रदेश इलेक्शन कमीशन (MP Election Commission) ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें बताया गया कि आखिरी बार 2002-2004 के बीच मध्यप्रदेश में SIR हुआ था। करीब 21 साल बाद मध्यप्रदेश में SIR हो रहा है। मध्य प्रदेश में 5 करोड़ 74 लाख मतदाता हैं। SIR को लेकर कल कलेक्टर और ERO की ट्रेनिंग होगी।
जिला कलेक्टर बीएलओ को ट्रेनिंग देंगे। आज मध्य प्रदेश के प्रमुख दलों के साथ मीटिंग हुई। राजनीतिक दलों से BLO की जानकारी मांगी गई। आज कलेक्टरों की तरफ से भी बैठकें हुई। 9 दिसंबर को मतदाता सूची का सत्यापन होगा। किसी भी बूथ पर 1200 से ज्यादा वोटर्स नहीं होंगे। फिलहाल कई बूथों पर 1200 से ज्यादा वोटर्स नहीं हैं।
मध्यप्रदेश में अभी 65 हजार 14 बूथ हैं जो बढ़कर करीब 72 हजार जो जाएंगे। आखिरी बार हुए SIR में परिवार का जिनका नाम होगा वो फॉर्म में भर दिया जाएगा तो कोई डॉक्यूमेंट नहीं देना होगा। गलत जानकारी देने पर एक साल की सजा और जुर्माना होगा। 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक Enumeration फॉर्म भरे जाएंगे। 9 दिसम्बर मतदाता प्रारूप सूची का प्रकाशन होगा। इसके बाद दावे आपत्ति मंगवाए जाएंगे। SIR इसलिए हो रहा है क्योंकि राजनीतिक दल मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।
ऊर्जा से लेकर खेती तक राहत: भारत के लिए 'गेम चेंजर' बना होर्मुज का खुलना
विपक्ष ने घेरा, सरकार ने कोसा: महिला आरक्षण बिल बना सियासी अखाड़ा
दिल्ली कैपिटल्स vs आरसीबी: क्या अपने 100वें होम मैच को जीत के साथ यादगार बनाएगी बेंगलुरु?
कलेक्टर को सूचना देना अनिवार्य; छत्तीसगढ़ के नए धर्म कानून पर उठने लगे विरोध के स्वर
पंकज चौधरी और पीएम मोदी के बीच घंटों मंथन: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़े धमाके के आसार
ग्लोबल तनाव घटा, सेंसेक्स बढ़ा: निवेशकों के लिए राहत भरा रहा यह कारोबारी हफ्ता
बाबर और शाहीन की टीम में वापसी; कोच सरफराज के साथ नई रणनीति तैयार
क्या श्रेयस अय्यर की होगी टी20 टीम में वापसी? इरफान पठान ने दिया बड़ा बयान
रूस से कच्चे तेल का आयात तीन गुना बढ़ा; भारत बना रूसी ईंधन का सबसे बड़ा खरीदार
दुर्घटना पीड़ितों के लिए वरदान बनेगा नया सेंटर; रेफर करने की समस्या से मिलेगी मुक्ति