नए साल से पहले महाकाल मंदिर में भक्तों की भारी भीड़, भस्म आरती के नियम बदले
Ujjain News: नए साल से पहले उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। बाबा महाकाल के दर्शन के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि कई श्रद्धालु अपने नए साल की शुरुआत महाकाल के दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ करने का संकल्प लेकर उज्जैन आ रहे हैं। इसी कारण मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में जबरदस्त भीड़ देखी जा रही है।
लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए महाकाल मंदिर प्रबंधन ने भस्म आरती की बुकिंग व्यवस्था में अहम बदलाव किया है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, आज से लेकर 5 जनवरी तक भस्म आरती के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा बंद कर दी गई है। इस अवधि में श्रद्धालुओं को भस्म आरती के लिए मंदिर परिसर में स्थित बुकिंग काउंटर से फॉर्म लेकर ऑफलाइन प्रक्रिया के माध्यम से ही अनुमति लेनी होगी।
इसके अलावा, 31 दिसंबर और 1 जनवरी को महाकाल मंदिर में भस्म आरती के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों तरह की बुकिंग पूरी तरह से बंद रहेगी। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि यह फैसला नए साल के अवसर पर उमड़ने वाली अत्यधिक भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भस्म आरती में प्रवेश केवल निर्धारित संख्या के अनुसार ही दिया जाएगा। साथ ही यह भी प्रयास किया जा रहा है कि कोई भी श्रद्धालु दर्शन से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से भस्म आरती के दौरान चलायमान दर्शन व्यवस्था को लागू किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक भक्त बाबा महाकाल के दर्शन कर सकें।
राशिफल 22 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
प्रधानमंत्री आवास योजना से स्वयं के पक्के मकान का सपना हुआ साकार
केदारनाथ धाम में अब सिर्फ दर्शन, मोबाइल और शूटिंग पर प्रतिबंध
मनरेगा की ‘डबरी’ और ‘बिहान’ के सहयोग से सविता बनीं आत्मनिर्भर
“बंगाल में जीत हमारी”—दिलीप घोष का आत्मविश्वास, BJP पर जताया भरोसा
लेमरू में दौड़ी जिंदगी की नई रफ्तार, संजीवनी 108 सेवा से ग्रामीणों को मिल रहा त्वरित उपचार
छत के नेट से टीम इंडिया की कैप तक का सफर
दुल्हन की तरह सजा केदारनाथ मंदिर, श्रद्धालुओं का उमड़ेगा सैलाब
सुपर सकर मशीन द्वारा लगातार चौथे दिन तानसेन नगर में सीवर सफाई कार्य जारी
रायपुर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में सूरजपुर बना प्रदेश में प्रथम स्थान पर