6 बार महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम रहे अजित पवार, फिर भी मुख्यमंत्री की कुर्सी एक कदम रह गई दूर
Ajit Pawar: महाराष्ट्र से बुधवार की सुबह एक ऐसी खबर आई, जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया. बारामती के एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे डिप्टी सीएम अजित पवार (Ajit Pawar) का चार्टर्ड प्लेन लैंडिंग के वक्त क्रैश हो गया, जिसमें पवार समेत 5 लोगों की मौत हो गई. सुबह-सुबह आई इस खबर ने सभी को झकझोर दिया. पवार जिस प्लेन में सवार थे, वह पूरी तरह जल गया था. यह हादसा किसी तकनीकी खराबी की वजह से हुआ या फिर विमान की क्रैश लैंडिंग हुई थी, स्पष्ट नहीं हो सका है. अजित पवार के निधन की खबर आते ही सियासी हलकों से प्रतिक्रियाएं आने लगी. एनसीपी समेत देश के तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं और अजित पवार के सहयोगियों ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है.
6 बार डिप्टी सीएम रहे अजित पवार
महाराष्ट्र की राजनीति के ‘चाणक्य’ कहे जाने वाले शरद के भतीजे अजित पवार का प्रदेश की राजनीति में मजबूत पकड़ थी. अजित पवार ऐसे नेता थे, जिन्होंने राजनीति में कभी अपनी महत्वकांक्षाओं को नहीं छिपाया. उनका सियासी सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा, कई बार वे विवादों में भी रहे लेकिन सत्ता के केंद्र में बने रहने की अपनी चाहत को वे बयां करने से हिचकिचाते नहीं थे. उनके नाम सबसे ज्यादा बार (6) महाराष्ट्र का डिप्टी सीएम बनने का रिकॉर्ड भी दर्ज है, लेकिन मुख्यमंत्री बनने की उनकी चाहत अधूरी रह गई.
चाचा से बगावत कर बना ली थी सरकार
वर्तमान में वह महाराष्ट्र की महायुति सरकार में डिप्टी सीएम थे. इसके पहले भी वह 5 बार डिप्टी सीएम के पद पर रह चुके थे. अजित पवार 2010 में पहली बार डिप्टी सीएम बने थे, लेकिन सिंचाई घोटाले को लेकर लगे आरोपों के कारण इस्तीफा दे दिया. हालांकि, क्लीन चिट मिलने के बाद उन्होंने दोबारा पदभार संभाल लिया था. अजित पवार के डिप्टी सीएम बनने की कड़ी में सबसे ज्यादा चर्चा 2019 के उस सियासी उठापटक की रही, जिसमें रातों-रात उन्होंने एनसीपी के विधायकों को भरोसे में लेकर भाजपा से हाथ मिला लिया था और देवेंद्र फडणवीस के साथ मिलकर सरकार बना ली थी. फडणवीस ने सीएम और तब अजित पवार ने डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ लिया था. लेकिन, फिर शरद पवार और सुप्रिया सुले के दखल के बाद 80 घंटों में ये सरकार गिर गई थी और अजित पवार की घर वापसी हो गई थी.
इसके बाद महा विकास अघाड़ी की सरकार बनी और उद्धव ठाकरे ने सीएम पद की शपथ ली. इस सरकार में भी अजित पवार डिप्टी सीएम बने. लेकिन ये सरकार ज्यादा दिनों तक चली नहीं. एकनाथ शिंदे की बगावत के कारण शिवसेना का विभाजन हो गया और एक गुट बीजेपी के साथ जा मिला. बाद में अजित पवार ने भी बगावत कर दी और एनसीपी में अपने करीबी विधायकों को लेकर बीजेपी-शिंदे गुट वाली सरकार में डिप्टी सीएम बने. 2024 विधानसभा चुनाव में महायुति की जीत के बाद अजित पवार छठी बार डिप्टी सीएम बने थे.
सीएम न बन पाने का अजित पवार को रहा मलाल
अजित पवार ने राजनीति का ककहरा शरद पवार से सीखा था. लेकिन, जब उन्हें आभास हुआ था कि शरद पवार अपनी राजनीतिक विरासत बहन सुप्रिया सुले को सौंपना चाहते थे, तब उन्होंने बगावत कर दी. अजित पवार भले ही 6 बार डिप्टी सीएम रहे लेकिन सीएम न बन पाने का उन्हें मलाल हमेशा रहा. कई बार अजित पवार की बातों से सीएम न बन पाने का उनका दर्द छलक जाता था.
अजित पवार के परिवार में उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार और दो बेटे जय पवार और पार्थ पवार हैं. जय ने खुद को बिजनेस क्षेत्र में स्थापित किया है. वहीं पार्थ ने मावल से लोकसभा चुनाव लड़ा लेकिन हार गए थे. पवार के प्लेन क्रैश की खबर सुनकर सुनेत्रा बारामती के लिए रवाना हो गई हैं.
पत्नी के गायब होने पर पति फरमान का वीडियो वायरल, खोज में जुटी जनता
अमेरिका-ईरान टकराव से बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1600 अंक टूटा, जानें निफ्टी का हाल
सरहद पार पहुंचा ‘ट्रैक्ड’ गिद्ध: भोपाल से छोड़ा गया, 7 दिन में 1274 KM उड़ान का खुलासा
व्यापार में बड़ा कदम: भारत और ब्रिटेन के बीच FTA से कम होंगे आयात शुल्क
होर्मुज में तनाव चरम पर: अमेरिकी नाकाबंदी से जहाज रुके, दुनिया में तेल-गैस कीमतों में उछाल संभव
दिल दहला देने वाली वारदात: पलंग के भीतर सड़ती मिली महिला डांसर, आसपास के लोग परेशान
कर्नाटक पॉलिटिक्स में बड़ा बदलाव संभव? दिल्ली में बैठकों का दौर, CM बदलने की अटकलें तेज
अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा: WSJ रिपोर्ट में खुलासा, डोनाल्ड ट्रंप ले सकते हैं बड़ा सैन्य कदम