अधिकार क्षेत्र को लेकर सुनवाई में उठे बड़े प्रश्न
नई दिल्ली| हाई कोर्ट ने गायक जुबिन नौटियाल की व्यक्तित्व अधिकार से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए अहम सवाल उठाया। अदालत ने पूछा कि आखिर बॉलीवुड हस्तियां अपने गृह राज्य की अदालतों के बजाय सीधे दिल्ली हाई कोर्ट में ही मामले क्यों दाखिल करती हैं। न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने कहा कि अगर याचिकाकर्ता उत्तराखंड में रहते हैं, तो वहां की अदालत में याचिका दाखिल करने में क्या परेशानी थी। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि सिर्फ इसलिए कि केंद्र सरकार के मंत्रालय दिल्ली में हैं, हर मामले को दिल्ली हाई कोर्ट में नहीं लाया जा सकता। जुबिन नौटियाल ने अदालत में कहा है कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उनकी आवाज, नाम, फोटो व अन्य व्यक्तित्व से जुड़े तत्वों का बिना अनुमति इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे उनके व्यक्तित्व अधिकार, ट्रेडमार्क व कॉपीराइट का उल्लंघन हो रहा है। याचिका में रोमानिया और यूएई से जुड़े कुछ विदेशी संस्थानों को भी पक्षकार बनाया गया है।
भगवान विष्णु का मोहिनी स्वरूप: समुद्र मंथन की कथा और एकादशी व्रत का महत्व
सफलता का मंत्र: पूर्व दिशा में सिर रखकर सोने से आती है वैचारिक स्पष्टता और ऊर्जा
विज्ञान के परे विश्वास: पानी में नहीं डूबता यह भारी पत्थर, श्रद्धालु मानते हैं साक्षात चमत्कार
अक्षय तृतीया आज: खरीदारी का महामुहूर्त, जानें पूजा विधि और महत्व
राशिफल 19 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
विश्व धरोहर दिवस पर रायपुर में सजी विरासत की अनोखी झलक, संरक्षण पर विशेषज्ञों का मंथन
बंदूक से विकास की ओर: सुकमा के तुंगल इको-पर्यटन केंद्र की प्रेरक कहानी
उमरिया जिले की पूजा सिंह ने रची आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी
हमने सीवर सफाई के काम को चुनौती के रुप में स्वीकार किया है और हम बदलाव लाकर दिखाएंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े