डॉलर के आगे कमजोर पड़ा रुपया, रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा
नई दिल्ली। भारतीय रुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में कमजोर होकर अपने रिकॉर्ड इंट्रा-डे निचले स्तर पर पहुंच गया। डॉलर के मुकाबले रुपया 19 पैसे टूटकर पहली बार 93 के स्तर को पार करते हुए 93.08 पर कारोबार करता दिखा। इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपया 92.92 प्रति डॉलर पर खुला और जल्द ही गिरकर 93.08 तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। यह गिरावट पिछले बंद स्तर की तुलना में 19 पैसे की कमजोरी को दर्शाती है। बुधवार को रुपया 49 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर 92.89 पर बंद हुआ।
क्या है गिरावट के कारण?
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली के चलते रुपये पर दबाव बना हुआ है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया है।
फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि गुड़ी पड़वा के कारण गुरुवार को विदेशी मुद्रा बाजार बंद रहे। रुपये की कीमत कमजोर दिख रही है क्योंकि आरबीआई ही डॉलर बेचकर इसे और गिरने से बचा रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को एफपीआई बिकवाली कर रहे थे जब सेंसेक्स और निफ्टी 21 महीने के निचले स्तर पर गिर गए।
- इस बीच, डॉलर सूचकांक, जो छह मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापता है, 0.17 प्रतिशत बढ़कर 100.25 पर कारोबार कर रहा था।
- वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1.64 प्रतिशत गिरकर 106.9 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
- घरेलू शेयर बाजार की बात करें तो, सेंसेक्स गुरुवार की गिरावट से उबरते हुए 960.67 अंक या 1.29 प्रतिशत बढ़कर 75,167.91 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 311.50 अंक या 1.35 प्रतिशत बढ़कर 23,313.65 पर पहुंच गया।
- एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को शुद्ध आधार पर 7,558.19 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
राशिफल 15 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
माओवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर का सर्वांगीण विकास होगा: मंत्री राम विचार नेताम
अम्बिकापुर में विकास को नई रफ्तार
ड्रोन के साथ अपने हौसलों को उड़ान दे रही हैं सरूपी मीणा
अल्पविराम की अवधारणा जीवन और कार्य के संतुलन के लिये अत्यंत आवश्यक : अर्गल
चिन्हारी योजना से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति
जल जीवन मिशन से संवरी बुलगा की तस्वीर, जीवंती बाई के घर तक पहुँचा शुद्ध पेयजल
नगरीय निकायों के कायाकल्प और वित्तीय सुदृढ़ीकरण के लिये दो दिवसीय "शहरी सुधार कार्यशाला" का हुआ समापन
संकल्प से समाधान अभियान’ से त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी निराकरण हुआ सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
यूरिया का प्रभावी विकल्प बन रही हरी खाद, जशपुर में 600 हेक्टेयर में प्रदर्शन