भोपाल की ऐतिहासिक मस्जिद में नमाज़ के दौरान गूंजे नारे
भोपाल|रमजान के 30 रोजे पूरे होने के बाद राजधानी भोपाल समेत पूरे मध्य प्रदेश में शनिवार को ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे उत्साह और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया. गुरुवार को चांद नजर नहीं आने के बाद शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने 21 मार्च को ईद मनाने का ऐलान किया था, जिसके अनुसार सुबह से ही शहर की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे|
नमाज के दौरान उमड़ी भारी भीड़
भोपाल के ईदगाह में सुबह 7:30 बजे पहली नमाज अदा की गई, जिसके बाद जामा मस्जिद में 7:45 बजे, ताज-उल-मस्जिद में 8 बजे और मोती मस्जिद में 8:15 बजे नमाज हुई. नमाज के दौरान इतनी भीड़ रही कि कई जगह मस्जिदों के अंदर जगह कम पड़ गई और लोगों को सड़कों पर खड़े होकर नमाज अदा करनी पड़ी|
खास दुआ और फित्रा देने की अपील
ताज-उल-मसाजिद में मौलाना हस्सान साहब की अगुवाई में विशेष दुआ की गई, जिसमें बड़ी संख्या में नमाजियों ने भाग लिया. मसाजिद कमेटी ने नमाज से पहले फित्रा अदा करने की अपील भी की. गेहूं के हिसाब से प्रति व्यक्ति करीब 70 रुपये फित्रा तय किया गया है, जबकि चांदी के भाव के अनुसार यह राशि लगभग 1650 रुपये तक हो सकती है|
सकलैनी जामा मस्जिद में दो जमात
अशोका गार्डन स्थित सकलैनी जामा मस्जिद में हर साल की तरह इस बार भी दो जमात में नमाज अदा की गई. पहली नमाज 7:45 बजे और दूसरी 8:30 बजे हुई, जिसमें दूर-दराज से आए लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली|
शिया समुदाय ने मनाई काली ईद
वहीं, भोपाल में शिया समुदाय ने फतेहगढ़ इमामबाड़ा में काली ईद मनाते हुए विरोध दर्ज किया. इस दौरान नमाज के समय और बाद में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारे लगाए गए. लोग काली पट्टी और सादे कपड़ों में पहुंचे, जिससे माहौल में गम का रंग नजर आया. इमामबाड़े में आयतुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीर रखकर श्रद्धांजलि दी गई और मौलाना राजी उल हसन ने अपने संबोधन में अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने की बात कही. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के रुख का जिक्र करते हुए उनके विचारों की सराहना भी की|
अलविदा जुमा का महत्व
रमजान के आखिरी शुक्रवार अलविदा जुमा का भी खास महत्व रहा, जिसे इबादत, संयम और नेक कार्यों की निरंतरता के संदेश के रूप में देखा जाता है. इस दिन कई लोगों ने जकात और सदका भी अदा किया|
ट्रैफिक डायवर्जन और बाजारों में रौनक
भीड़ को ध्यान में रखते हुए भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने सुबह 6 बजे से 11 बजे तक कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किया. लोगों को वैकल्पिक रास्तों से आने-जाने की सलाह दी गई. ईद से पहले पुराने भोपाल के बाजार पूरी तरह सजे नजर आए, जहां कपड़े, मिठाई और सेवइयों की दुकानों पर देर रात तक रौनक बनी रही और त्योहार का उत्साह चरम पर पहुंच गया|
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