इंदौर की सड़कों पर मौत का सफर: हादसों को रोकने के लिए क्या हैं संभावित उपाय?
इंदौर : मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले शहर में इंदौर लगातार सड़क हादसे बढ़ते जा रहे हैं. बीते 2 महीने की बात करें तो शहर की सड़कों पर बीते 2 महीने में 41 मौतें हुई है. यानी हर महीने करीब 20 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा देते हैं. शहर में सबसे अधिक सड़क हादसे बायपास के आसपास हो रहे हैं, क्योंकि यहां तेज गति में वाहन चलते हैं और इन पर निगरानी के लिए कोई प्रबंधन भी नहीं है.
क्या कहते हैं आंकड़े?
आंकड़े ये बताते है कि हर वर्ष सड़क हादसों में बढ़ोतरी हो रही है. रोजाना कई लोग सड़क अपना जान गंवा बैठते है. अगर वर्ष 2023 में 282 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है. वहीं, वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 320 हो गई थी. वर्ष 2025 में सड़क हादसों में 247 लोगों की मौत हुई है.
क्या है हादसों का कारण?
लगातार बढ़ रहे आंकड़ों के बाद भी बायपास पर अधिकांश मुख्य मार्ग और सर्विस रोड की स्ट्रीट लाइट बंद है. इन सड़का हादसों का प्रमुख कारण सड़कों पर ट्रक जैसे बड़े वाहन पार्क करना भी है. पुलिस का हाल कुछ ऐसा ही है. दिखावे के लिए पुलिस कार्रवाई करने तो जाती है लेकिन अगले ही दिन हाल फिर से वैसा का वैसा ही हो जाता है.

क्या है समाधान?
अगर प्रशासन ठीक से इस मुद्दे पर काम करें और पुलिस द्वारा कठिन कार्रवाई की जाए तो रोज हो रहे हादसों में कमी लाई जा सकती है. साथ ही वाहन चलाते समय ये कुछ अहम बातों का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी हैं.
दुर्घटना से बचने के लिए टिप्स
वाहनों के बीच की दूरी बना कर रखें
ओवर स्पीडिंग न करें
गाड़ी चलाते समय ध्यान भटकाएं
अचनानक लेन न बदलें
गाड़ी चलाते समय कभी भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें
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