मैरिज सर्टिफिकेट बनवाना है.....दहेज का ब्यौरा दें
योगी सरकार का आदेश
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में विवाह प्रमाण पत्र बनवाते समय अब वर-वधु को दहेज का भी विवरण देना होगा। इस बारे में योगी शासन ने निर्देश जारी किया है।
जानकारी के मुताबिक, विवाह प्रमाण पत्र बनाने के लिए हजारों की तादाद में आवेदन किए जाते हैं। नियमों के मुताबिक, वर-वधु पक्ष की ओर से विवाह का कार्ड, आधार कार्ड, हाई स्कूल की मार्कशीट के साथ दो गवाहों के दस्तावेज भी लगाए जाते हैं। अब इन कागजात के साथ दहेज के शपथ पत्र को भी अनिवार्य कर कार्यालय में नोटिस भी लगा दिया गया है। इस शपथ पत्र में शादी के लिए दिए गए दहेज का ब्यौरा देना होगा। मामले के जानकार अधिकारी के मुताबिक, शासन की ओर से विवाह प्राप्त के लिए शपथ पत्र अनिवार्य किया गया है और सभी को यह निर्देशित कर दिया गया है कि डॉक्यूमेंट के साथ दहेज का प्रमाण पत्र भी दें।
कहां काम आता है शादी का सर्टिफिकेट?

1.शादी के बाद अगर आप ज्वाइंट बैंक अकाउंट खुलवाना चाहते हैं, तब मैरिज सर्टिफिकेट लगाना होगा।
2.पासपोर्ट के लिए आवेदन करते समय भी शादी के प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ेगी।
3.अगर आप शादी के बाद बीमा कराना चाहते हैं, तब अपना मैरिज सर्टिफिकेट जरूरी होगा।
4.अगर दंपति ट्रैवल वीजा या किसी देश में स्थाई निवास के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तब मैरिज सर्टिफिकेट लगाना होगा।
5.अगर महिला शादी के बाद सरनेम नहीं बदलना चाहती, तब इसके बाद मैरिज सर्टिफिकेट के बगैर सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
6.शादी के बाद किसी नेशनल बैंक से लोन लेने के लिए शादी का सर्टिफिकेट जरूरी होता है।
7.तलाक की अर्जी लगाने के लिए भी शादी का सर्टिफिकेट काम आएगा। सिंगल मदर या तलाकशुदा महिलाओं को नौकरी में रिज़र्वेशन लेने के लिए तलाक का डॉक्यूमेंट दिखाना होता है।
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (23 फ़रवरी 2026)
सशक्त समाज निर्माण में शिक्षा और संगठन की भूमिका अहम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का किया आत्मीय स्वागत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 131वीं कड़ी
मालवा की अनुकूल भौगोलिक स्थिति और सुदृढ़ अधोसंरचना से औद्योगिक विकास को मिली नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की पहल ‘देखो अपना देश’ से जागा युवाओं में उत्साह
देश के प्रत्येक व्यक्ति को जनजातीय इतिहास को जानना चाहिए: चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति सूर्यकांत
27 दिनों तक चिकित्सकों की देखभाल से नन्हीं जान को मिला नया जीवन
नवाचार और तकनीक से मध्यप्रदेश को बनाया जायेगा अग्रणी कृषि राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
"मन की बात" देश और देशवासियों की उपलब्धियों को सामने लाने का एक प्रभावी प्लेटफार्म : मुख्यमंत्री डॉ. यादव