चीनी पेप्टाइड्स के जाल में फंसते अमेरिकी युवा
सैन फ्रांसिस्को । टेक कंपनियों में काम करने वाले अमेरिका युवा चीनी पेप्टाइड्स के जाल में फंसते जा रहे हैं। अमेरिकी युवा इन्हें वजन घटाने, मानसिक एकाग्रता बढ़ाने और शरीर को ज्यादा एक्टिव रखने के लिए अपना रहे हैं। ये पेप्टाइड्स सीधे चीन से मंगाए जा रहे हैं और इनके इस्तेमाल को लेकर न तो अमेरिकी सरकार की मंजूरी है और न ही इनकी सुरक्षा को लेकर कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद हैं। इसके बावजूद स्टार्टअप ऑफिस, प्राइवेट नेटवर्क और ‘पेप्टाइड रेव’ जैसे इवेंट्स के जरिए इनका खुलेआम प्रचार और उपयोग हो रहा है। अमेरिका में इन अनधिकृत पेप्टाइड्स की मांग बीते कुछ समय में तेजी से बढ़ी है। आंकड़ों के मुताबिक 2025 के पहले नौ महीनों में ही चीन से इनका आयात करीब आठ गुना तक बढ़ गया। ये केमिकल आमतौर पर पाउडर के रूप में आते हैं, जिन्हें लोग पानी में घोलकर खुद ही इंजेक्ट कर लेते हैं।
इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से इंसुलिन सिरिंज आसानी से खरीदी जा रही हैं। सैन फ्रांसिस्को में काम कर रहे एक चीनी पेप्टाइड सप्लायर का कहना है कि किसी टेक कंपनी में एक व्यक्ति इसका इस्तेमाल शुरू करता है और फिर धीरे-धीरे पूरा ग्रुप या क्लस्टर बन जाता है, जहां इसे सामान्य और सुरक्षित मान लिया जाता है। पेप्टाइड्स असल में छोटे अमीनो एसिड चेन होते हैं, जो शरीर में हार्मोन को नियंत्रित करने, सूजन कम करने और रिकवरी में मदद करने का दावा करते हैं। वजन घटाने वाली चर्चित दवाओं जैसे ओजेम्पिक और वीगोवी में भी पेप्टाइड्स का ही उपयोग होता है, लेकिन वे सख्त मेडिकल ट्रायल और सरकारी मंजूरी के बाद बाजार में आई हैं।
इसके उलट अब लोग बीपीसी-157, टीबी-500, ऑक्सीटोसिन, एपिटालॉन और रेटाटूटाइड जैसे अनप्रूव्ड पेप्टाइड्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनसे चोट जल्दी ठीक होने, बेहतर नींद, एंटी-एजिंग और ज्यादा फोकस की उम्मीद की जाती है। सोशल मीडिया इस ट्रेंड को और हवा दे रहा है। टिकटॉक और इंस्टाग्राम रील्स पर डीआईवाई इंजेक्शन गाइड खुलेआम मिल रहे हैं, जिनमें इन्हें आसान और असरदार समाधान के तौर पर दिखाया जाता है। कानून से बचने के लिए वेबसाइटों और वीडियो में इन्हें ‘रिसर्च केमिकल’ या ‘केवल अध्ययन के लिए’ बताया जाता है, ताकि सीधे मानव उपयोग का दावा न करना पड़े। हालांकि वीडियो के कमेंट्स और यूजर अनुभव साफ संकेत देते हैं कि इन्हें वजन घटाने, फोकस बढ़ाने और फिटनेस सुधारने के लिए ही इस्तेमाल किया जा रहा है।
CG News: सेवोक-रंगपो रेल परियोजना से सिक्किम को पहली रेल कनेक्टिविटी, 2027 तक लक्ष्य
Bilaspur: नाइट लैंडिंग की सुविधा मिलने के बावजूद नए समर शेड्यूल में रात के लिए फ्लाइट नहीं, कुछ दिन पहले हुआ था ट्रायल
IND vs SA Super-8: अभिषेक शर्मा नहीं ये प्लेयर हो सकता है बाहर, साउथ अफ्रीका के खिलाफ ऐसी होगी भारत की प्लेइंग 11
Holi Special Train: छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों को बड़ी सौगात! होली पर चलेंगी 6 जोड़ी स्पेशल ट्रेन, दिल्ली-बिहार जाना होगा आसान
Jabalpur: जबलपुर में तेज रफ्तार एमजी हेक्टर ने बरपाया कहर, पुलिसकर्मी समेत तीन लोगों को मारी टक्कर
शहर के लॉज पर पुलिस की रेड, आपत्तिजनक गतिविधियों में लिप्त 18 लोग हिरासत में
SIR के बाद जांचें नई वोटर लिस्ट में आपका नाम, जिले से 44 हजार से ज्यादा मतदाता हटे