CG Weather Update: सर्द हवाओं से बढ़ी ठंड, कोहरे ने बढ़ाई परेशानी
CG Weather Update : छत्तीसगढ़ में उत्तर दिशा से आ रही सर्द हवाओं ने एक बार फिर ठंड बढ़ा दी है। बर्फीली हवाओं के असर से प्रदेश के कई इलाकों में तापमान तेजी से नीचे गिर रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट हो सकती है। खासकर सुबह और रात के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जाएगा। फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अंबिकापुर को छोड़कर राज्य के अधिकतर हिस्सों में दैनिक तापांतर कम दर्ज किया गया है। दुर्ग में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे साफ है कि उत्तरी और पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड का प्रभाव ज्यादा बना हुआ है।
CG Weather Update में यह भी बताया गया है कि सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड के साथ शीतलहर और घना कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। सुबह 8 बजे के बाद भी कई इलाकों में कोहरा छाया रहता है, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो जाती है। इसके चलते सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। बलरामपुर, सूरजपुर और अंबिकापुर में ठंड के कारण स्कूलों में छुट्टियों की मांग भी उठने लगी है।
राजधानी रायपुर की बात करें तो 5 जनवरी को सुबह हल्की धुंध रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान लगभग 15 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। कुल मिलाकर, CG Weather Update संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में ठंड से राहत फिलहाल नहीं मिलने वाली।
राहुल के आने से पहले बयानबाजी से गरमाया माहौल
लाल किला और विधानसभा निशाने पर? जांच एजेंसियां सतर्क
होली के दिन ट्राई करें केसर-बादाम मिल्क, मेहमान भी पूछेंगे रेसिपी
मेहमानों को करें खुश, होली के मौके पर बनाएं स्वादिष्ट दम आलू
चेहरे पर लाना है नेचुरल ग्लो, तो बस लगाना होगा ये फेस मास्क
टीम इंडिया की लुटिया डूबो कर ही मानेंगे गौतम गंभीर! हार के सबसे बड़े कसूरवार, प्लानिंग की चूक या जिद का खेल?
विधानसभा में दो मोर्चों पर दबाव में सरकार, जवाब से बचती रही सत्ता
चार साल बाद वेस्टइंडीज-जिम्बाब्वे होंगे आमने-सामने, भारत की नजर भी इस मुकाबले पर रहेगी
जबलपुर में राकेश सिंह का बयान: बजट से प्रदेश को मिलेगी नई रफ्तार
रिटायर सैन्य अधिकारियों पर किताब लिखने की कोई पाबंदी नहीं: रक्षा मंत्री का स्पष्टीकरण