दिल्ली पुलिस ने आपात कॉल पर बनाए ग्रीन कॉरिडोर
नई दिल्ली । दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मंगलवार यानी 19 मार्च को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से द्वारका के आकाश सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तक लिवर को सफलतापूर्वक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया। दिल्ली पुलिस ने 35 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के साथ बनाये गए ग्रीन कॉरिडोर के जरिए 16 किलोमीटर लंबी दूरी को महज 18 मिनट में तय किया। ट्रैफिक पुलिस ने लिवर को कुशलतापूर्वक आकाश हेल्थकेयर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तक पहुंचाया गया। ताकि लिवर को मरीजों में समय रहते ट्रांसप्लांट करना संभव हो सके। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, उन्हें दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर आकाश अस्पताल के डॉ। अजीत पाल सिंह से चंडीगढ़ में एक ब्रेन डेड मरीज से दान में प्राप्त किए गए लीवर को ले जाने का अनुरोध मिला। लिवर 15 किलोग्राम वजन वाले एक बॉक्स में आईजीआई एयरपोर्ट पर पहुंचा, जिसे एक्स-रे के संपर्क में आए बिना द्वारका के अस्पताल में ले जाया जाना था। इसके लिए एक ग्रीन कॉरिडोर का डिमार्केशन कर रास्ते को खाली किया गया। 35 ट्रैफिक कर्मियों की मदद से ग्रीन कॉरिडोर बना कर आईजीआई एयरपोर्ट से अस्पताल तक 16 किलोमीट की दूरी 18 मिनट में तय कर चंडीगढ़ से लाये गए लीवर को अस्पताल तक पहुंचाया गया ताकि लिवर को निर्धारित समय के भीतर मरीज में ट्रांसप्लांट किया जा सके। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक ग्रीन कॉरिडोर का उपयोग मुख्य रूप से आपात मरीजों, हृदय, यकृत और फेफड़ों के परिवहन के लिए किया जाता है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, उन्होंने इस साल 24 ग्रीन कॉरिडोर बनाए हैं, जिनमें से आठ मौके पर दान में प्राप्त अंगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बनाया गया था। इससे पहले भी कई मौकों पर आवश्यकता पड़ने पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ग्रीन कॉरिडोर बनाती आयी है।
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