आपातकालीन टीमों ने की लगातार बचाव गतिविधियां
हिमाचल। सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बर्फबारी इस बार आफत बन गई। मनाली-लेह मार्ग पर भारी हिमपात से वाहन 3 दिनों तक थम गए। लगभग 48 घंटे अफरा-तफरी का माहौल रहा, जबकि 3 दिन लगातार बर्फबारी जारी रही। हालात बिगड़ते देख मनाली व लाहुल प्रशासन, पुलिस और बीआरओ मौके पर जुट गए, लेकिन भारी बर्फबारी में कोई कार्य काम नहीं आए। प्रशासन, पुलिस और बीआरओ ने रविवार दोपहर 3 बजे रेस्क्यू शुरू किया, जो 48 घंटे चला। इस दौरान 2,000 वाहनों सहित 10,000 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया। बर्फ में फंसे पर्यटकों को कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ा। अधिकांश ने रात गाड़ियों में ही बिताई, तो कुछ लाहुल के होटलों-ढाबों में शरण लिए। 3 दिन बाद वे मनाली पहुंचे। थाना प्रभारी सिस्सू मुकेश राठौर ने कहा कि पिछले तीन दिनों से पुलिस जवान दिन-रात रेस्क्यू में जुटे रहे। वहीं, डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि हिमपात से सिस्सू में अटकी गाड़ियों को सड़क बहाली के बाद प्राथमिकता से मनाली लाया गया। सभी पर्यटकों को रेस्क्यू कर लिया गया है। उधर, एसडीएम मनाली रमण कुमार शर्मा ने कहा कि पुलिस, प्रशासन और बीआरओ ने संयुक्त अभियान चलाया। 48 घंटों में 2,000 पर्यटन वाहन निकाले गए। बीआरओ अधिकारी मेजर एमएस परमार तीन दिन टीम के साथ मौके पर डटे रहे। मनाली-केलंग मार्ग बहाल होने के बाद शिंकुला मार्ग पर काम शुरू होगा।
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