नई दिल्ली: सीमा पार बैठी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने भारत में अस्थिरता फैलाने के लिए अपनी रणनीति बदल दी है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने खुलासा किया है कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, ISI के इशारे पर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम का सहारा लेकर भारतीय व्यापारियों से करोड़ों की रंगदारी वसूल रहा है।

गरीब युवाओं को बनाया जा रहा मोहरा

स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, भट्टी अब भारत के गरीब और बेरोजगार युवाओं को निशाना बना रहा है। उन्हें महज 5 से 10 हजार रुपये का लालच देकर अपराध की दुनिया में धकेला जा रहा है।

  • भर्ती का तरीका: भट्टी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से ऐसे लड़कों को ढूंढता है जिन्हें पैसों की सख्त जरूरत हो।
  • वारदात को अंजाम: इन युवाओं से व्यापारियों के घरों या प्रतिष्ठानों पर फायरिंग और ग्रेनेड हमले करवाए जाते हैं ताकि दहशत पैदा की जा सके।

पकड़े गए गुर्गों ने उगले राज

हाल ही में स्पेशल सेल की टीम (इंस्पेक्टर सुनील राजैन और धीरज महलावत) ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर से दो गुर्गों—राजवीर (21) और विवेक बंजारा (19)—को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि:
भट्टी खुद पाकिस्तान से वीपीएन (VPN) के जरिए फोन कॉल करता है और अपनी पहचान लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य के रूप में बताता है।
पंजाब के जिरकपुर में एक क्लब मालिक से मांगी गई 1 करोड़ रुपये की फिरौती के पीछे भी भट्टी का ही हाथ था।

पाकिस्तान से संचालित हो रहा 'रिमोट कंट्रोल' नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का संचालन बेहद शातिर तरीके से हो रहा है:

  • लोकेशन शेयरिंग: भट्टी किसी एक भारतीय युवा को पैसे देकर पीड़ित की रेकी करवाता है और उसकी लोकेशन पाकिस्तान मंगवाता है।
  • हथियारों की सप्लाई: इसके बाद वह दूसरे युवक को हथियार उठाने के लिए किसी गुप्त स्थान की लोकेशन भेजता है।
  • क्रॉस-कनेक्शन: फायरिंग करने वाला और रेकी करने वाला एक-दूसरे को नहीं जानते, जिससे पुलिस के लिए मुख्य सूत्रधार तक पहुंचना कठिन हो जाता है।

दिल्ली-एनसीआर में हाई अलर्ट

दिल्ली पुलिस का दावा है कि भट्टी के कई अन्य गुर्गे अभी भी राजधानी और आसपास के इलाकों में सक्रिय हैं। उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने व्यापारियों और आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल या धमकी मिलने पर तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को सूचित करें।