परिवार ने खाई सल्फास की गोलियां, दो बच्चों की मौत
शिवपुरी: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र से बहुत दर्दनाक घटना सामने आई है. यहां गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए रखी गई सल्फास की गोलियों की गैस के चपेट में एक परिवार आ गया. जहां हादसे में परिवार के चार सदस्यों की हालत बिगड़ गई. दो बच्चों की मौत हो गई. जबकि माता-पिता की हालत गंभीर बनी हुई है. पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है.
परिवार के 4 सदस्यों की अचानक बिगड़ी तबीयत
शिवपुरी जिले के पोहरी थाना स्थित मामबर्वे गांव में गिर्राज धाकड़ ने अपने घर में करीब दो दिन पहले गेहूं की बोरियों में सल्फास की गोलियां रखी थी. जिससे उनका गेहूं सुरक्षित रहे. जिस कमरे में गेहूं की यह बोरियां रखी थीं, उसी कमरे में गिर्राज व उसका परिवार रोजाना सो रहा था. सोमवार-मंगलवार की दरमयानी रात 30 वर्षीय गिर्राज धाकड़ उसकी पत्नी पूनम उम्र 28 साल, बेटी मानवी उम्र 5 साल व बेटे अधिक उम्र 3 साल की अचानक तबीयत बिगड़ गई.
दो बच्चों की मौत, माता-पिता भर्ती
चारों को इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र लाया गया. जहां डाक्टरों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया. जबकि पति-पत्नी को इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है. जिला अस्पताल में परिजनों ने गिर्राज व पूनम से बात नहीं करने दी.
सल्फास की गोली की गैस से हुई मौत
वहीं मामले में एसडीओपी पोहरी ने बताया कि शुरूआती जांच में मामला गेहूं में रखी सल्फास की गोली की गैस कमरे में भरने का प्रतीत हो रहा है. इसके अलावा बच्चों के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो सामने आएगा. उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल बच्चों के माता-पिता से बात नहीं हो पाई है. दोनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है. उनके बयान भी लिए जाएंगे.
बंगाल राजनीति में बयानबाजी तेज, टीएमसी पर लोगों की जमीन हड़पने का आरोप
ईरान संकट के बीच भारतीय छात्रों की मुश्किलें बढ़ीं, जल्द समाधान की मांग
लोकतंत्र के पर्व में शामिल हों युवा, पीएम मोदी ने किया ज्यादा मतदान का आग्रह
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ा, ईरान का नया कदम; जहाजों की राह बदली
वैश्विक मंच पर भारत का कद ऊंचा, संयुक्त राष्ट्र ने सौंपी चार बड़ी जिम्मेदारियां
बंगाल चुनाव 2026: BJP का मास्टर प्लान तैयार, घोषणापत्र में क्या होगा खास?
चुनावी मैदान में उतरे नरेंद्र मोदी, रैली और रोड-शो से गरमाया माहौल
सप्ताह में किस दिन बाल धोना चाहिए ताकि मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहे, शास्त्रों में दी गई सलाह
काला धागा पहनने का रहस्य: सही गांठ जरूरी, गलत बांधने से आता है अशुभ प्रभाव
पैरों में आलता लगाने की परंपरा क्यों खास? जानिए इसका रहस्य और विज्ञान