ओडिशा से ट्रक में छिपाकर लाए थे लाखों का सामान
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल ने एक अंतरराज्यीय ड्रग्स तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। 288 किलोग्राम गांजे के साथ दो आरोपिताें को गिरफ्तार किया गया है।
दोनों आरोपित गांजे की तस्करी के साथ उसे बेचने का काम भी करते थे। इसके साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों की धरपकड़ के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है।
यह संगठित ड्रग्स तस्करी गिरोह ओडिशा से गांजा लेकर आता था और इसे उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली-एनसीआर के जिलों में सप्लाई करता था। इनसे कुल 288 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी कीमत करीब 50 लाख रुपये आकी जा रही है।
क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल के इंस्पेक्टर मनमीत मलिक की देखरेख में यह ऑपरेशन किया गया। 22 जून को एसआई सुशील को इसकी जानकारी मिली थी। पता चला कि ट्रक से गांजा लाया जा रहा है।
जिसके बाद एक टीम गठित की गई और सराय काले खां के पास शमशाद घाट पर पुलिस ने गिरोह की धरपकड़ के लिए निगरानी चालू की।
ट्रक के अंदर बनाई थी गुप्त जगह, जहां पर छिपाया था गांजा
जिसके बाद सूचना के अनुसार तय जगह से हरियाणा के सोनीपत निवासी मुकेश दहिया और राजेश दहिया को पकड़ा गया। मुकेश ट्रक का मालिक है जबकि राजेश ड्राइवर है।
ट्रक की तलाशी के दौरान ट्रक की बॉडी में बनाई गई एक गुप्त जगह मिली। जिसमें से 139 प्लास्टिक बैग बरामद हुए, इन बैग्स में 288 किलोग्राम गांजा था।
क्राइम ब्रांच के उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि ट्रक मालिक मुकेश दहिया 10 पास है और पहले ड्राइवर था। वह मार्च 2025 को यह ट्रक लेकर आया था। उसके साथ पकड़ा गया राजेश दहिया, सातवीं पास है और मुकेश के पास पिछले नौ वर्ष से ड्राइवर का काम कर रहा था।
राशिफल 15 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
बिलासपुर से अयोध्या धाम के लिए स्पेशल ट्रेन रवाना, 850 तीर्थ यात्रियों को मिलेगा काशी-विश्वनाथ दर्शन का अवसर
उत्कृष्ट गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से रोशन हो रहा प्रदेश का भविष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
धमतरी में ‘STREE’ परियोजना का शुभारंभ: 300 ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा आत्मनिर्भरता का नया रास्ता
केरल के मुख्य सचिव डॉ. ए. जयतिलक का छत्तीसगढ़ दौरा
प्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बनेगा देश का अग्रणी राज्य : मंत्री शुक्ला
किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कटे होंठ से टूटी हिम्मत तक… एक ऑपरेशन और बदल गई जिंदगी
दशकों के अंधेरे से उजियारे में आया गारपा, नियद नेल्लानार योजना से पहली बार घर-घर पहुँची बिजली