एक साल के बच्चे की कार्डियक अरेस्ट से हुई मौत
अमेरिका के ओहियो में एक साल के बच्चे की कार्डियक अरेस्ट से मौत हुई। उसके शरीर पर कई गंभीर चोटें भी थीं। आरोप है कि बच्चे की मां के बॉयफ्रेंड ने उसको मारा था।23 वर्षीय एडवर्ड मुरे और अमिनाता कीता पिछले तीन माह से एक दूसरे का डेट कर रहे हैं। अमिनाता कीता एक साल के बच्चे करीम की मां भी हैं। यह मामला 1 मई का है।जब एक साल के करीम कीता को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। उसके शरीर पर काफी गंभीर चोट थीं, जिन्हें देखकर डॉक्टर भी हैरान थे। इलाज 5 मई तक चला लेकिन करीम की कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई। सिनसिनाटी के जिस अस्पताल में उसे भर्ती किया गया।वहां के डॉक्टर ने बताया कि करीम के मस्तिष्क में चोट थी, लीवर खराब हो गया था, पसली टूटी हुई थीं, आंखों से खून बह रहा था, सर में सूजन थी। जो कि कार्डियक अरेस्ट की निशानी है। डॉक्टर ने यह भी कहा कि एक साल के बच्चे को ऐसी चोटें तभी आ सकती हैं, जब उस पर हिंसक प्रहार किया गया हो, उन्होंने करीम की मौत को हत्या बताया। बयानों के आधार पर एडवर्ड को हिरासत में लिया गया था।
वहीं एडवर्ड का कहना है कि जब करीम घर के बाहर खेल रहा था, तभी एडवर्ड करीम को लेकर घर के अंदर गया और उसको बिस्तर पर सुला दिया।हालांकि करीम की चोटों को लेकर एडवर्ड के पास कोई स्पष्टीकरण नहीं था। एडवर्ड पर हत्या के दो आरोप, हमले और एक बच्चे के भविष्य को खतरे में डालने का एक मामला दर्ज किया है।इस घटना के बाद हैमिल्टन काउंटी के अभियोक्ता अटॉर्नी मेलिसा पॉवर्स ने कहा कि यह मामला दिल दहलाने वाला है। एक मासूम बच्चे को इतनी गंभीर चोट पहुंचाने के लिए दिल में कितनी क्रूरता की जरूरत होती है। हमारे बीच एक ऐसा व्यक्ति है जो ऐसा कर सकता है, यही काफी चिंतनीय है।
धान बोनस और समर्थन मूल्य को लेकर आमने-सामने सत्ता और विपक्ष
जादू-टोने के शक में युवक ने की बुजुर्ग महिला की हत्या
ईरान-इजराइल संघर्ष के चलते यात्रा प्रभावित, दुबई में फंसे उज्जैन के महाकाल पुजारी
चेक बाउंस: न डरें, न हल्के में लें; जानिए जेल का डर कितना सच और धारा 138 में क्या है सजा और कब होती है सख्ती?
भोजपुर मंदिर में नियमों को लेकर बहस, वीडियो ने बढ़ाई हलचल
हालात पर पैनी नजर, राज्यों को शांति बनाए रखने के निर्देश
शेयर बाजार में दशहत क्यों?: पश्चिम एशिया में घमासान के बाद निवेशकों के आठ लाख करोड़ डूबे, जानें पांच बड़े कारण
बढ़ता ट्रैफिक दबाव, हर दिन हादसों का खतरा