विदेश नीति के मोर्चे पर संसदीय भूमिका अहम
असम कांग्रेस के अध्यक्ष और लोकसभा सदस्य गौरव गोगोई को इंडिया-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह का अध्यक्ष बनाने का नाकांकन हुआ है। उनके नामांकन पर असम के मुख्यमंत्री ने बयान दिया था कि गोगोई को पाकिस्तान से जुड़ी जिम्मेदारी दी जानी चाहिए थी। इस पर गोगोई ने कहा कि सीएम के बयानों पर किसी गंभीर जवाब की जरूरत नहीं है।पत्रकारों से बात करते हुए गोगोई ने कहा कि पार्लियामेंट्री नियुक्ति पर राजनीतिक बयान बाजियां करने के बजाय गवर्नेंस और लोगों की भलाई पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा मुख्यमंत्री के बयानों को गंभीरता से लेने की ज़रूरत नहीं है। सब कुछ साफ-साफ लिखकर बताया गया है, और ऐसे कमेंट्स को बेवजह अहमियत देने की कोई ज़रूरत नहीं है। गोगोई ने कहा मैं ऐसा इंसान नहीं हूं जो हर राजनीतिक बयान पर प्रतिक्रिया दे। मेरी ज़िम्मेदारी संसद और मुझे चुनने वाले लोगों के प्रति है।संसदीय मैत्री समूह एक तय संस्थागत प्रक्रिया के जरिए बनाए जाते हैं और इनका मकसद भारत के वैश्विक संसदीय जुड़ाव को मज़बूत करना है। उन्होंने आगे कहा, “फिलीपींस के साथ संसदीय मैत्री समूह दो लोकतांत्रिक देशों के बीच कोऑपरेशन और बातचीत बढ़ाने के लिए बनाया गया है। यह लोकसभा की सौंपी हुई ज़िम्मेदारी है, और मैं इसे पूरी ईमानदारी से निभाऊंगा।”
बंगाल की सियासत में बड़ा उलटफेर: ममता बनर्जी ने 15 साल बाद अपनाया वाम मोर्चा जैसा रास्ता
हरीश रावत के बयान पर चर्चा तेज: खुद को बताया ‘तांत्रिक’, कहा—मैं घमंडी हूं, जानें पूरा मामला
10 रुपये के विवाद में नौकरी छिनी, अदालत ने पलटा फैसला
इंदौर को मिली नई सौगात, इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने को तैयार
लूट की वारदात, डिलीवरी बॉय को घायल कर सिलेंडर छीने
चुनावी सूची अपडेट का बड़ा खुलासा: 12 राज्यों में करोड़ों नाम हटे और जोड़े गए, कुल संख्या में बड़ी कमी
क्रिकेट से ज्यादा रिश्तों की चर्चा, वायरल हुआ पांड्या मोमेंट
सरकार का बड़ा अभियान, लाखों घरों तक पहुंचेगी जनगणना टीम