सऊदी अरब ने 11 हजार भारतीयों को निकाला
नई दिल्ली । ज्यादातर लोग सोचते हैं कि ट्रंप के सत्ता में आने के बाद अमेरिका से सबसे ज्यादा भारतीयों को वापस भेजा जाता है, लेकिन हकीकत यह है कि इस साल 11 हजार भारतीयों को सऊदी अरब से डिपोर्ट किया गया, जो किसी भी अन्य देश से कहीं ज्यादा है। इनमें ज्यादातर मजदूर और प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोग शामिल थे, जिन्हें वीजा उल्लंघन, अवैध प्रवास या स्थानीय कानूनों के उल्लंघन के आरोप में वापस भेजा गया। वहीं अमेरिका ने इस साल केवल 3,800 भारतीयों को डिपोर्ट किया, जो पिछले पांच सालों में सबसे ज्यादा तो है, लेकिन सऊदी अरब के आंकड़ों से काफी कम।
खाड़ी देशों में वीजा और श्रम नियमों के उल्लंघन के कारण बड़ी संख्या में भारतीय निकाले गए। इनमें संयुक्त अरब अमीरात से 1,469, बहरीन से 764 भारतीय शामिल हैं। इसका कारण वीजा के साथ ही बिना वैध परमिट काम करना, श्रम कानूनों का उल्लंघन, नियोक्ता से फरार होना और सिविल या आपराधिक मामलों में फंसना शामिल है।
अमेरिका ने 3800 भारतीयों को निकाला
विदेश मंत्रालय द्वारा राज्यसभा में पेश ताजा आंकड़ों के अनुसार बीते 12 महीनों में अमेरिका से 3,800 भारतीयों को निर्वासित किया गया। अधिकांश कार्रवाई वाशिंगटन डीसी (3,414) और ह्यूस्टन (234) से की गई। इसका कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सरकार में शुरू हुई सख्ती और दस्तावेजों की कड़ी जांच- जैसे वीजा स्टेटस, वर्क ऑथराइजेशन और ओवरस्टे से जोड़ रहे हैं।
किसानों को लाभान्वित करने हम खेत से बाज़ार तक तैयार कर रहे पूरी श्रृंखला : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
आईएचजीएफ फेयर 2026 में छत्तीसगढ़ी शिल्प की गूंज, कोंडागांव के कलाकारों ने बिखेरा हुनर का जादू
जल जीवन मिशन से मांगामार में अब हर घर जल
बारनवापारा अभयारण्य : जहां हर कदम पर है प्रकृति का रोमांच
उज्जैन से जावरा ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड परियोजना स्थानीय क्षेत्र के समग्र विकास की बनेगी नई पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
जायका टीम ने किया एमपी ट्रांसको की ट्रांसमिशन लाइन एवं सब स्टेशन का बारीकी से निरीक्षण
रेलवे-सड़क सहित अन्य अधोसंरचनात्मक कार्यों की नियमित समीक्षा होगी
पारिस्थितिकी तंत्र में सहयोगी पशु पक्षियों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री डॉ यादव
सिंधिया कप से पहले भोपाल लेपर्ड्स का बड़ा ऐलान, अरशद पर फिर जताया भरोसा