सेंट्रल मार्केट में सीलिंग से शादी वाले घरों में अफरा-तफरी
मेरठ|सीलिंग की कार्रवाई ने खुशियों वाले घरों को भी चिंता में डाल दिया। प्रशासन ने 44 आवासीय भूखंडों पर चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को सील किया, जिनमें 4 बैंक्वेट हॉल भी शामिल थे। सीलिंग की इस कार्रवाई से उन परिवारों के सामने संकट खड़ा हो गया, जिनके यहां बुधवार को शादी समारोह प्रस्तावित थे।
सबसे ज्यादा परेशानी पिलोखड़ी पुल स्थित फलाह-ए-आम अस्पताल के पास रहने वाले शाहनवाज के परिवार को हुई। शाहनवाज की दो बहनों सायबा और शहाना का बुधवार को एक साथ निकाह था। यह कार्यक्रम सूजल भवन में था। शाहनवाज ने आवास विकास की टीम के सामने हाथ जोड़कर गुहार लगाई कि मेहमान आ चुके हैं हलवाई काम कर रहा है और शाम को बारात आनी है लेकिन प्रशासन ने राहत देने से साफ इनकार कर दिया। मजबूरी में शाहनवाज ने आनन-फानन में घर की छत पर ही शामियाना लगवाया। जगह कम होने के कारण पड़ोसियों की छतों पर हलवाई बैठाकर जैसे-तैसे निकाह के खाने और मेहमानों की व्यवस्था की गई। अचानक हुई इस कार्रवाई ने शादी की खुशियों को भागदौड़ और मानसिक तनाव में बदल दिया।
रंगोली मंडप में सील लगने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में वे लोग पहुंच गए, जिन्होंने वहां बुकिंग करा रखी थी। जमा की गई धनराशि और ऐन वक्त पर व्यवस्था टूटने को लेकर लोगों ने हंगामा किया जिसे पुलिस ने मैनेजर से बात कराकर शांत कराया। वहीं सूजल भवन के मालिक अशोक सिंघल ने भी आवास विकास की टीम से शादी का हवाला देकर मोहलत मांगी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की बाध्यता बताते हुए प्रशासन ने सामान हटाने का निर्देश देकर सीलिंग की कार्रवाई पूरी की।
शिक्षा में डिजिटल पहल: 68 कॉलेजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स, हजारों छात्रों को मिलेगा स्किल ट्रेनिंग
ISRO का कमाल: गगनयान मिशन में क्रू मॉड्यूल की सफल वापसी, देश ने रचा इतिहास
हर्ष फायरिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई, दूल्हा गिरफ्तार, पुलिस ने अवैध कट्टा जब्त किया
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: बीजेपी घोषणापत्र में 7वें वेतन आयोग और 3 हजार रुपये मासिक लाभ पर जोर
गांजा तस्करी में बुजुर्ग भी शामिल, स्टेशन पर चौंकाने वाला खुलासा
अवैध रेत खनन और बढ़ती हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, फॉरेस्ट गार्ड हत्या मामले में 13 को सुनवाई तय
आधुनिक तकनीक और संसाधनों के उपयोग की अपील