विवादित तकरीरों के वीडियो सामने आने के बाद बढ़ी निगरानी
गाजियाबाद। मजहबी कट्टरपंथी का विरोध करने वाले यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला अचानक नहीं हुआ। मुठभेड़ में ढेर हुए जीशान को इसके लिए कट्टरपंथी संगठनों ने चंदा दिया था। क्राइम ब्रांच की जांच में उजागर हुआ है कि लोनी और खोड़ा क्षेत्र से भी कट्टरपंथी जीशान को चंदा दिया गया है। इतना ही नहीं इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सलीम वास्तिक को पूर्व में भी चेतावनी दी गई थी। क्राइम ब्रांच की टीम ने सोशल मीडिया से कट्टरपंथी जीशान की विवादित तकरीरों की 15 वीडियो कब्जे में ली हैं। सलीम की हालत में अभी सुधार नहीं हुआ है। इसके बाद उनको निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है। एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि मुठभेड़ में ढेर एक लाख का ईनामी जीशान सोशल मीडिया पर सक्रिय रहता था। दिसंबर 1992 में धार्मिक स्थल के विध्वंस का बदला लेने के लिए साजिश रच रहा था। वह सोशल मीडिया पर युवाओं को बरगलाता था। उसने इंस्टाग्राम पर एक दर्जन से अधिक वीडियो अपलोड की हैं, जिनमें वह युवाओं को देशद्रोह करने के लिए बरगलाता नजर आ रहा है। देश के अलग-अलग राज्यों में हुई घटनाओं को धार्मिक उन्माद से जोड़कर युवाओं को बदला लेने के लिए उकसाता था। वीडियो में धार्मिक तकरीरों के जरिए हथियार उठाने की अपील करता नजर आ रहा है। जीशान और उसका भाई फुरकान कट्टरपंथी संगठन मुस्लिम आर्मी मेहदी मॉडरेटर से भी जुड़ा था। इसका प्रचार-प्रसार वह टेलीग्राम चैनल के जरिये करता था। हर करतूत में उसका भाई फुरकान भी शामिल था।
एलआईयू की कार्यशैली पर फिर उठे सवाल
अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे सलीम वास्तिक पर हुए हमले की योजना नई नहीं है। सोशल मीडिया और कट्टरपंथी संगठनों की जारी वीडियो ने एलआईयू विभाग की कार्यशैली पर एक बार फिर से सवाल उठे हैं। सोशल मीडिया पर खुलेआम कट्टरपंथी जीशान खोड़ा में रहकर वीडियो अपलोड करता रहा और धमकी देता रहा। इसके बावजूद भी एलआईयू की टीम ने उच्चाधिकारियों को अवगत नहीं कराया। मुठभेड़ में ढेर हुआ जीशान पाकिस्तान के एक यूट्यूबर के संपर्क में था। घटना के बाद इस यूट्यूबर की वीडियो भी जमकर वायरल हो रही है। इसके बावजूद भी एलआईयू की टीम ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। मुठभेड़ में ढेर हुआ जीशान सोशल मीडिया के जरिए धार्मिक उन्माद फैलाने के मंसूबे रच रहा था। उसकी विवादित तकरीरों और युवाओं को बरगलाने वाली कुछ वीडियो जांच में शामिल की गई हैं। खोड़ा और लोनी क्षेत्र कुछ मजहबी कट्टरपंथियों के जीशान को संगठन मजबूत करने के लिए चंदा देने की बात भी उजागर हुई है। मृतक के खाते सीज कर इस मामले की जांच की जा रही है। गाजियाबाद की अशोक विहार अली गार्डन कॉलोनी में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हमले के मामले में जहां जीशान को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर किया है, वहीं उसका मोबाइल अब इस पूरे घटनाक्रम और उसके पीछे की सोच के बारे में जानकारी देगा। उसके पास से मेड इन इटली पिस्टल मिलने से पुलिस इसमें अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जीशान के इंस्टाग्राम पर कुछ कट्टरपंथी ग्रुप से जुड़े होने की जानकारी मिली है। उसके पास से मिले मोबाइल फोन को भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। अंदेशा है कि इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हों। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जीशान की मौत हो चुकी है। सही जानकारी उसके साथियों की गिरफ्तारी के बाद सामने आएगी।
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